- मानवाधिकार सेल, मानवाधिकार क्लब गठन तथा बुद्ध के मानवाधिकार दर्शन पर मोनोग्राफ बनाने का आह्वान
- 'भगवान बुद्ध मानवाधिकार पुरस्कार' एवं 'हंसा मेहता मानवाधिकार पुरस्कार' शुरू करने का सुझाव
- कुलगुरु प्रो. विमलेन्द्र कुमार ने ग्रिव्यांस सेल शुरू करने का दिया आश्वासन
साँची, 29/09/2026
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय का विस्तृत दौरा किया। भ्रमण के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास, अकादमिक भवन तथा प्रशासनिक भवन में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. त्रिपाठी ने मानवाधिकारों के संरक्षण और जागरूकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से एक 'मानवाधिकार सेल' की स्थापना, छात्रावासों में 'मानवाधिकार क्लब' के गठन तथा मानवाधिकारों के क्षेत्र में भगवान बुद्ध के अमूल्य योगदान पर एक 'मोनोग्राफ' तैयार करने का आह्वान किया। उन्होने विदेशी छात्रों के लिए हॉस्टल में दुभाषिया कर्मचारी तैनात करने पर जोर दिया।
लैंगिक समानता और परस्पर सम्मान की भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रो त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में 'भगवान बुद्ध मानवाधिकार पुरस्कार' एवं 'हंसा मेहता मानवाधिकार पुरस्कार' शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कन्या छात्रावास में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए वेंडिंग मशीन स्थापित की जाए एवं इसके डिस्पोज़ल की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
दल ने विश्वविद्यालय की मैस, केंटीन, टॉयलेट्स, लाइब्रेरी, शुद्ध पेय जल की व्यवस्था भी देखी। उन्होंने छात्रों एवं शोधार्थियों की समस्याओं व शिकायतों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही और परिसर में मानवाधिकार चार्टर के नियमित पाठ व आयोग की गतिविधियों से अद्यतन रहने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विमलेन्द्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन सभी की समस्याओं को सुनने के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने प्रो. त्रिपाठी के सुझावों का स्वागत करते हुए जल्द ही 'ग्रिव्यांस सेल' शुरू करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में अतिथि परिचय प्रो. नवीन मेहता द्वारा कराया गया, जबकि कार्यक्रम का समापन उप-कुलसचिव श्री विवेक पांडे के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




